स्कूलों की मनमर्जी खत्म, अब नियम से तय होगा बस-वैन का किराया

स्कूलों की मनमर्जी खत्म,अब नियम से तय होगा किराया

देहरादून/हल्द्वानी : उत्तराखंड में स्कूली बच्चों के अभिभावकों के लिए एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। अब राज्य में पहली बार स्कूल बस और स्कूल वैन का किराया आधिकारिक रूप से तय कर दिया गया है। राज्य परिवहन प्राधिकरण ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों को अब इसी तय मानक के अनुसार ही परिवहन शुल्क लेना होगा।

यह निर्णय 25 मार्च 2026 को हुई राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता परिवहन आयुक्त बृजेश कुमार संत ने की। बैठक में लोक निर्माण विभाग, विधि विभाग और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया बड़ा फैसला

यह फैसला उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद लिया गया है।
जनहित याचिका (संख्या-161/2024) में अदालत ने 22 सितंबर 2025 को आदेश दिया था कि स्कूल वाहनों के किराये को नियंत्रित और पारदर्शी बनाया जाए।

इसके बाद संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई, जिसने सभी खर्चों जैसे वाहन लागत, ईंधन, ड्राइवर वेतन, मेंटेनेंस, बीमा आदि का विस्तृत अध्ययन किया।

स्कूल बस का नया मासिक किराया (प्रति छात्र)

1 से 10 किमी – ₹2200

10 से 20 किमी – ₹2700

20 से 30 किमी – ₹3200

30 किमी से अधिक – ₹3700

स्कूल वैन (टैक्सी/मैक्सी) का मासिक किराया (प्रति छात्र)

1 से 5 किमी – ₹2100

5 से 10 किमी – ₹2500

10 से 20 किमी – ₹3000

20 किमी से अधिक – ₹3500

क्या बदलेगा इस फैसले से?

मनमाने शुल्क पर लगेगी रोक

अभिभावकों को मिलेगी राहत और पारदर्शिता

स्कूलों को तय मानक के अनुसार ही शुल्क लेना होगा

परिवहन व्यवस्था में आएगी एकरूपता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *