भ्रष्टाचार के आरोपों पर धामी सरकार का तीखा प्रहार

भ्रष्टाचार के आरोपों पर धामी सरकार का तीखा प्रहार

ऊर्जा विभाग के आला अफसरों को दिखाया बाहर का रास्ता

देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को चरितार्थ करते ऊर्जा विभाग में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोपों और अनियमितताओं के घेरे में रहे पावर सेक्टर के शीर्ष अधिकारियों पर गाज गिराकर सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि देवभूमि में पारदर्शिता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

किन अधिकारियों पर गिरी गाज?

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ऊर्जा निगमों के तीन सबसे रसूखदार चेहरों को उनके पदों से हटा दिया गया है:

अनिल कुमार यादव: उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) के प्रबंध निदेशक (MD) पद से हटाए गए।

अजय कुमार अग्रवाल: ऊर्जा निगम में निदेशक (परियोजना) के पद से रुखसत किए गए।

संदीप कुमार सिंघल: उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) के प्रबंध निदेशक (MD) पद से हटाए गए।

इन अधिकारियों पर भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितता, टेंडर आवंटन में गड़बड़ी और आय से अधिक संपत्ति जैसे गंभीर आरोप लंबे समय से लग रहे थे, जिनकी जांच विजिलेंस और शासन स्तर पर चल रही थी।

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