केदार की रूप छड़ी नांदेड़ ले जाने पर विवाद, बीकेटीसी अध्यक्ष ने सीईओ से मांगा जवाब

समाचार स्टेशन, रिपोर्टर : राजेश राणा,

केदार की रूप छड़ी नांदेड़ ले जाने पर विवाद, बीकेटीसी अध्यक्ष ने सीईओ से मांगा जवाब

रुद्रप्रयाग। बाबा केदार की पवित्र रूप छड़ी को महाराष्ट्र के नांदेड़ ले जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इसे परंपरा के विरुद्ध बताते हुए समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय थपलियाल से स्पष्टीकरण मांगा है।

दरअसल, पिछले दिनों मंदिर समिति के कुछ कर्मचारी बिना बोर्ड की स्वीकृति के बाबा केदार की रूप छड़ी और अन्य कीमती आभूषणों को नांदेड़ में आयोजित रावल के पट्टाभिषेक रजत महोत्सव में ले गए थे। इस कार्यक्रम में केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने परंपरा के विपरीत अपना उत्तराधिकारी भी घोषित कर दिया।

मंदिर समिति ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए पहले रावल से दस दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। तय समय में जवाब न मिलने पर अब सीईओ की ओर से ऊखीमठ स्थित उनके निवास पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है। हालांकि रावल ने नोटिस मिलने से इनकार किया है।

परंपरा के अनुसार बाबा केदार की रूप छड़ी का उपयोग केवल विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में ही किया जाता है और इसे धाम से बाहर ले जाने के लिए मंदिर समिति की अनुमति अनिवार्य होती है। इसी वजह से इस पूरे मामले को मंदिर की परंपरा और गरिमा से जुड़ा मुद्दा माना जा रहा है।

वहीं, मंदिर समिति की नियमावली के अनुसार रावल की नियुक्ति का अधिकार केवल समिति के पास है। ऐसे में नांदेड़ में रावल द्वारा अपने उत्तराधिकारी का पट्टाभिषेक किया जाना भी नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है।

 

 

मंदिर समिति अब पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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